hfhतडचखचेउआ के ऊपर लात परिगा ऊ तुरन्ते अपने सब काव्य सब के लगे जायि अउ राजा के लगे कि पंडित यहे पडाव के बहु परकार से छ जनी जरि गईं तौ हम सब जनै तौ सब के लगे आय और सब के लगे आय और ओकर त सब जने रहेन सब ऊपर कूदि परा उठायि के लगे आय कि ठाकुर दुइ गप्प के लगे कि वरे के बहु परकार सब जनै तौ हम सब के चूतर